परमेश्वर के साथ चलना | Free Online Bible Classes

Lecture 11: परमेश्वर के साथ चलना

जब हम परमेश्वर की संतान बन गए तो हम एक समय पर एक चेले बन गए, जैसे नये परिवार के एक सदस्य, जिसमे एक न्य पिता है और नये भाई है और बहनें है और एक नया घर है. मैं इन लोगों से कैसे सबंध बनाकर रखूं? क्या मुझे उनके साथ समय व्यतीत करना चाहिए? क्या यह आसान काम है या कठिन काम है? प्राचीन कलीसिया इसे समझने में मेरी कैसे सहायता करती है? मेरा परमेश्वर के प्रति प्रेम अपने आप को दूसरों के सामने कैसे दिखता है?

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