यीशु ने क्या किया

यीशु जब इस पृथ्वी पर थे उन्होंने बहुत से काम किये, परन्तु उनमें से सब से महत्वपूर्ण था उनकी क्रूस के ऊपर मृत्यु. परन्तु वास्तव में क्या हुआ था? क्या प्राप्त किया गया? इससे बाइबिल का क्या अर्थ है जब वह यीशु को “परमेश्वर के मेमने” के रूप में घोषित करती है? क्या ऐसा कुछ है जो मेरी उसकी मृत्यु की महत्ता को समझने में सहायता क्र सके? क्या मुझे इसके विषय में लगातार याद करना पड़ेगा?

Speaker