Chapter 1. Conversion

१. हभ आऩके ऩरयवर्नत को दहु यार्े है

भैं आऩके साथ आऩ जो नए विश्िासी है आऩके ऩरयितनत के विषम भें फात कयके शुरू कयना चाहता हॉ ! भैंआऩकेननणमत कीआऩकेसाथऽशुीभनानाचाहताहॉ,औयभैंदेखनाचाहताहॉककक्माआऩकेकोई

फनु नमादी प्रश्न हैं? औय भैं आऩको सभझाना चाहता हॉ कक आऩ इस फात को जान ऩाएॊ कक जफ आऩ मीशु के चरे े फने तो क्मा हुआ - जफ आऩ ऩयभेश्िय कक सॊतान फन गए. अगय आऩ को ककसी फात कक सभझ नही आ यही तो आऩ कृऩमा अऩने ऩास फैठे व्मक्क्त से ऩछें,िह आऩको सभझा देंगे. औय इस फात को बी जाननए कक आने िारे ११ सप्ताहों भें,भैं आऩको इन सबी फातों का विियण दॊगा क्जनके विषम भें भैं आज फात कय यहा हॉ! मदवऩ फहुत सी ऐसी ऩॊक्क्तमा औय अध्माम हैं, महाॉ ऩय भैं जा सकता हॉ, भैं अऩनी फातचीत की फनु नमाद हय सभम के प्रससद्ध िाक्म के ऊऩय यखना चाहता हॉ, मीशु की एक फात क्जसको ऩये सॊसाय बय के फहुत से रोग जानते हैं, औय िह है महन्ना ३:१६, "क्मोंकक ऩयभेश्िय ने जगत से ऐसा प्रेभ यखा कक उसने अऩना एकरौता ऩत्रु दे ददमा, ताकक जो कोई उस ऩय विशिास यखे िह नष्ट न हो, ऩयन्तु अनन्त जीिन ऩामे. जैसे भैं अऩके ऩरयितनत के अनबु ि के फाये भें फात कयता हॉ, भैं महन्ना ३:१६ का इस्तभे ार कयना चाहॊगा औय इसे भैं टुकड़ो भें फाॊटना चाहॉगा।

"क्मोंकक ऩयभेश्वय ने जगर् से इर्ना प्रेभ ककमा"

महाॊ देखें कक जो शुरुआत भें मीशु ने फात कही है िह इस तथ्म को फहार कयती है कक एक ऩयभेश्िय है। ऩयभेश्िय कोई अिैमक्क्तक ताकत, ककस्भत अथिा प्रकृ नत भाता नही है।

ऩयभेश्िय एक व्मक्क्तगत ऩयभेश्िय है। इस प्रेभी ऩयभेश्िय ने जगत को फनामा औय क्जतने बी रोग इस सॊसाय भें यहते हैं उनकी उसने सक्ृ ष्ट की। फाइबफर फताती है कक उसने रोगों को अऩने रूऩ भें फनामा, ताकक औय िस्तओु ॊ के साथ हभायी हभाये सक्ृ ष्टकतात के साथ सॊगनत हो सके औय उसके साथ हभाया रयश्ता हो सके । एक कु त्ते का ऩयभेश्िय के साथ रयश्ता नहीॊ हो सकता। आऩ औय भैं उसके स्िरूऩ भें फनामे गए थे औय हभे फनामा गमा था हभ फनामे गए थे कक हभ उसके साथ सॊगनत कय सकें,जड़ु सकें औय अऩने सक्ृ ष्टकतात के साथ रयश्ता फना सकें । हभाये ऩहरे भाता वऩता आदभ औय हव्िा फाा भें ऩयभेश्िय के साथ चरा कयते थे।इसके फािजद कक हभ क्मा सनु ते हैं,सष्ृ टी कोई इत्तफाक से नहीॊ है,औय न ही मह कोई अचानक हुआ बुभॊडरीम ऩागरऩन है,हभ कोई आददकारीन झाग नहीॊ है जो ककनाये ऩय आकय साफ हो

गए औय राखों िषों के फाद हभ भनष्ु म फन गए। हभें सक्ृ ष्ट की सफसे उत्तभ यचना फनामा गमा। हभे ऩयभेश्िय के द्िाया जान फझ कय फनामा गमा। उत्तक्प्त १ औय २ भें सक्ृ ष्ट की जो कहानी है (फाइबफर के ऩहरे २ ऩाठ) िह भनष्ु म की सक्ृष्ट की औय इशाया कयती है। आऩको औय भझु को अथत औय उद्देश्म के साथ

फनामा गमा था, औय उस उद्देश्म औय अथत का एक दहस्सा है कक हभ अऩने सक्ृ ष्टकतात के साथ सॊगनत भें, जड़ु े हुए औय रयश्ते भें जीिन जीते हैं।कपय कुछ बमॊकय घटना इस सॊसाय के साथ घटी,औय हभे मह जानना आिश्मक है कक इससे ऩयभेश्िय चककत नही हुए;ऩयभेश्िय ने इससे ऩहरे कक कुछ बी फनामा था, िह जानते थे कक मह होगा,कपय बी उन्होंने सफ कुछ फनामा। आदभ औय हव्िा जो कक हभाये ऩहरे भाता वऩताथेउन्हेंएकछोटासा ननमभददमागमाथा:फााकेसबीिऺृोंभेंसेतभु एकिऺृ सेनहीॊखा सकते हो। भैं सोचता हॉ कक ककतनी फाय आदभ को स्िगत भें ऺभा भाॊगनी ऩड़गे ी, "भैं जानता हॉ, भैं ऺभा चाहता हॉ,भैं ऺभा चाहता हॉ। भझु े एक ही काभ कयना था..... " भैं खशु हॉ कक भैं आदभ नहीॊ हॉ। एक ही ननमभ था क्जसका उन्होंने ऩारन कयना था। औय उस एक ननमभ का ऩारन कयने के द्िाया िह ऩयभेश्िय को ददखा सकते थे कक िह ऩयभेश्िय से ककतना प्रेभ कयते थे। ऩयभेश्िय के ननमभ ऩारन कयने के द्िाया, िह कह यहे होते, " हाॉ हभ आऩके प्रबत्ु ि के अधीन हैं।" "आऩ ऩयभेश्िय हैं हभ नहीॊ हैं। " कपय बी जैसेहभउत्ऩक्त्तउसके३अध्मामभेंऩढतेहैंकीआदभऔयहव्िानेजानफझकयउसएकननमभ कोतोड ददमा-उन्होंनेऩाऩककमाऔयउसएकिऺृ के परकोखासरमा। उसऩाऩकाऩरयणाभमह हुआ की िह ऩयभेश्िय से अरग हो गमे। िह शयीयक तौय ऩय अरग फाग भें से फाहय ननकार ददए जाने की िजह से हुए,ऩयन्तु उनके ह्रदम भें िह ऩयभेश्िय से बी अरग हो गए। िह ऩयभेश्िय के शत्रु फन गए औय उससे दय हो गमे। बविष्मिक्ता मशामाह ने कहा, " ऩयन्तु तम्ु हाये अधभत के काभों ने तभु को तम्ु हाये ऩयभेश्िय से अरग कय ददमा है,औय तम्ु हाये ऩाऩों के कायण उस का भॉहु तभु से ऐसा नछऩा है कक िह नहीॊ सनु ता। " (मशामाह ५९:२)

हभ हभाये ऩवित्र ऩयभेश्िय से अरग हो गए हैं, हभाये ऩवित्र सक्ृ ष्टकतात से; औय मह है ऩाऩ का ऩरयणाभ। ऩयभेश्िय से अरग होकय जीिन जीने की सज़ा भत्ृ मु है; जो कक िास्ति भें अनॊत अरगाि है। फाइबफर कहती है " क्मोंकक ऩाऩ की भजदयी तो भत्ृ मु है" ऩयभेश्िय से सदैि अरगाि। जो आदभ औय हव्िा के सरएसत्मथािहअफसबीरोगोंकेसरएसत्महै। फाइबफरकहतीहै,"इससरमेककसफनेऩाऩककमाहै औय ऩयभेश्िय की भदहभा से यदहत हैं।" सफ ने ऩाऩ ककमा है, हय एक ने िह ककमा है जो ऩयभेश्िय ने हभे कयने के सरए नहीॊ कहा था। इससरए हभ भें से प्रत्मेक भसीह के कामत के बफना, क्जस के फाये भें हभ कुछ सभम भें सीखेंगे,हभाये सक्ृष्टकतात से अरग,वियोध से बया हुआ जीिन जीत।े हभाया ऩयभेश्िय जो की प्रेभ का ऩयभेश्िय है,िह न्माम का बी ऩयभेश्िय है। न्माम का ऩयभेश्िय ऩवित्र ऩयभेश्िय के वियोध भें ऩाऩ को दॊड ददए बफना नहीॊ जाने देगा, इस सरए ऩाऩ औय अरग होने की सज़ा है। मदवऩ ससु भाचाय मह है की क्जतना हभाया ऩयभेश्िय न्माम का ऩयभेश्िय है उतना ही िह प्रेभ का ऩयभेश्िय बी है।

"कक उसने अऩना एकरोर्ा ऩत्रु दे ददमा"

मीशु महन्ना ३:१६ भें आगे कहते हैं, "ऩयभेश्िय ने जगत से इतना प्रेभ ककमा कक उसने दे ददमा" इस तयह सेउसनेप्रेभककमा:उसनेअऩनाएकरोताऩत्रु देददमाककिहऩथ्ृिीऩयआकयएकऩवित्रजीिनजीमे औय क्रस ऩय भय जामे"

१. क्रस ऩय िास्तविकता भें क्मा हुआ था?

क्रस ऩय िास्तविकता भें क्मा हुआ था?एक व्मक्क्त के िहाॊ भय जाने से ज्मादा क्मा हुआ था। मीशु ने

एक ऩवित्र जीिन फसय ककमा। मीशु के जीिन भें एक बी ऩाऩ नही था। इससरए जफ िह भये, उनकी

भत्ृ मु उनके ऩाऩों की कीभत नहीॊ थी, क्मोंकक उन्होंने एक बी ऩाऩ नही ककमा था, ऩयन्तु उनकी भत्ृ मु आऩके ऩाऩों औय भेये ऩाऩों की कीभत फन गमी। क्मोंकक उनकी भत्ृ मु हभाये ऩाऩों की कीभत फन गई, अफ हभाये सरए ऺभा उऩरब्ध हैं। मशामाह ने भसीह के सभम से ७०० से अधधक िषत ऩहरे सरख ददमा था कक क्रसऩयक्माहोगा;महएकआश्चमजतनकबविष्मिाणीहै।"ननश्चमउसने(मीशुने)हभायेयोगोंकोसह सरमा औय हभाये ही द:ुखों को उठा सरमा;तौबी हभ ने उसे ऩयभेश्िय का भाया-कटा औय ददु तशा भें ऩड़ा हुआ सभझा।" मीशु ने योगों औय दखु ों उठा सरमा औय सोचते हैं कक ऩयभेश्िय उसके ऊऩय क्रोधधत है। " ऩयन्तु िह" मीशु "हभाये ही अऩयाधो के कायण घामर ककमा गमा, िह हभाये अधभत के काभों के हेतु कु चरा गमा;

हभायी ही शाक्न्त के सरमे उस ऩय ताड़ना" सज़ा "ऩड़ी कक उसके कोड़े खाने से हभ चॊगे हो जाएॊ। हभ तो सफ के सफ बेड़ों की नाईं बटक गए थे;हभ भें से हय एक ने अऩना अऩना भागत सरमा;औय महोिा ने हभ सबों के अधभ"त ऩाऩ "का फोझ उसी" मीशु " ऩय राद ददमा॥"

(मशामाह ५३:४-६) नए ननमभ भें, प्रेरयत ऩौरसु सरखता है, "जफ हभ ऩाऩी ही थे तबी भसीह हभाये सरमे भया" मीशु ने एक ऩवित्र जीिन क्जमा। उसकी भत्ृ मु उसके ऩाऩों की कीभत नही थी। औय इससरए उसकी भत्ृ मु एक स्रोत फन गई क्जसके द्िाया आऩके औय भेये ऩाऩ ऺभा हो सके । ऺभा अफ उऩरफध है। हभाये ऩाऩों की िजह से ऩयभेश्िय औय हभाये फीच भें एक खाई है। मीशु की भत्ृमु ने उस खाई के ऊऩय ऩरु

फना ददमा है। मीशु जो क्रस ऩय भया उसकी िजह से ऩयभेश्िय के साथ रयश्ता सम्बि हो ऩामा है। मीशु केक्रसऩयभयनेकीिजहसेमहसॊबिहोऩामाहैकीआऩऔयभैंघयिावऩसजासकेंऔयफाग भें कपय से ऩयभेश्िय के साथ चर सकें। जफ भैं मह सनु ता हॉ,तो भेये भन भें एक प्रश्न आता है;मह ऩथ्ृ िी

ऩय कै से सॊबि हो हो सकता है? (हाराॊकक जफ आऩ इसके फाये भें सोचते हैं तो उत्तय ऩथ्ृ िी ऩय नहीॊ है) कैसे सॊबि है कक एक भनष्ु म की भत्ृ म अबी आदभीओॊ,औयतों औय फच्चों के ऩाऩों की कीभत दे सकती है? मह कै से सम्बि है? इसका उत्तय है, "भझु े नहीॊ ऩता" फाइबफर ऩयी तयह से इसका विियण नहीॊ देती है की मह कैसे होता है,ऩयन्तु कभ से कभ दो दहस्सों भें मह उत्तय देती है की मह कैसे सम्बि है की मीशु की भत्ृ मु हभाये ऩाऩों की कीभत दे सकती है।

२. ऩयभेश्िय का कृऩारु रृद्म

एक उत्तय तो मह है कक मह ऩयभेश्िय के कृऩारु ह्रदम भें दपन है। मह ऩयभेश्िय की करुणा औय

अनग्रु हकीिजहसेहै। आऩऔयभैंइसमोग्मनहीॊथेकीहभऺभा रेऩात।े मीशुनेऩछु ा,"एक भनष्ुमअऩनेप्राणकेफदरेक्मा?"उत्तयहै,कुछबीनहीॊ। आऩऔयभेयेऩासकुछबीनहीहैजोहभ कय सकते हैं। ककसी बी भात्रा भें कोई धासभकत काभ नही है जो हभ कय सकते है, औय चाहे हभ ककतना बी अऩने ऩड़ोसी से अच्छे फन जाएॉ िह कापी नही है कक हभे हभाये ऩाऩों से ऺभा सभर सके । इसका उत्तय ऩयभेश्िय के कृ ऩारु रृद्म भें दपन है। हभ सभझते हैं कक हभ भक्ु क्त के मोग्म नही थे, ऩयन्तु ऩयभेश्िय ने अऩनी करुणा औय बराई जो कक हभ अमोग्म ऩावऩमों के प्रनत थी के द्िाया ननणमत सरमा कक एकऩवित्रफसरदानदसु येभनष्ुमोंके ऩाऩोंकीकीभतदेसकताहै-महहैकरुणा!ऩयेऩयुानेनेभसेक्रस तक ऩया फसरदान का जो ढाॊचा था िह इस सरए गमा था कक िह हभे ससखाए की एक ऩवित्र फसरदान की भत्ृ मु के द्िाया दसु ये के ऩाऩों की कीभत दी जा सकती है। ऩयभेशिय कृऩारु ऩयभेश्िय है।

३. मीशु कौन है?

दसया दहस्सा क्जस भें मह उत्तय सभरता है कक मीशु की भत्ृ मु आऩ के औय भेये ऩाऩों की कीभत दे सकती है,मह कैसे सम्बि है,मह इस प्रश्न भें सरऩटा हुआ है कक मीशु कौन है। सम्ऩणत भनष्ु म है,औय मह उसके देह धायण कयने के कायण हुआ की िह सॊसाय के ऩाऩों को उठा सकता था औय आऩके औय भेये

ऩाऩों की कीभत दे सकता था। अगय भैं ऩाऩ यदहत जीिन व्मतीत कयता औय उसके ऩश्चात भै भय जाता तो क्मा भैं आऩके ऩाऩों की कीभत दे सकता था? मीशु को ऩयी तयह से ऩयभेश्िय होना था, क्मोंकक ससपत ऩयभेश्िय ही ऩाऩों की कीभत के फोझ को उठा सकता था। जफ मीशु क्रस ऩय रटका हुआ था, ऩयभेश्िय ने उसेऩाऩफनाददमा,फाइबफरफतातीहै। महससपतमहीनहीथाकक उसकोदॊडददमागमा,ऩयन्तुउसे िास्ति भें ऩाऩ फनामा गमा। मीशु को ऩया ऩाऩ फनामा गमा जो कक सबी रोगों ने कबी ककमे थे अथिा कयेंगे।ककसीबी भनष्ुमकाइसफोझकोककसीबीतयहसेउठानाअसॊबिथा। मीशुकोभनष्ुमहोना

आिश्मकथाकक िहभनष्ुमहोकीिहआऩकेऔयभेयेऔयसबीरोगोंकेकबीबीककमेहुएऩाऩोंको उठासके। कपयबीऩयभेश्ियके ह्रदमभेंकुछऔयबीथाजोकहताथाकीअगयतभु भनष्ुमजातीके सरए फसरदान देने जा यहे हो तो तम्ु हे कु छ औय बी कयना होगा, तम्ु हे भनष्ु म फनना होगा। इससरए मीशु कोऩयीतयहसेभनष्ुमफननाऩड़ाथा ककिहभनष्ुमजातीकेऩाऩोंकोउठासकें।इब्राननमोंकीऩस्ुतक भेंरेखकसरखताहैं,"मीशुकोहयतयहसेअऩनेबाईमोंकीतयहफननाऩडा,कक िह प्राक्श्चतकयसके औय तम्ु हाये ऩाऩों के सरए फसरदान दे सके ।" भैं ऐसे ऩयी तयह से सभझता नही हॉ कक मीशु की भत्ृ मु भेये औय आऩके ऩाऩों की कीभत कैसे दे सकती है. मदवऩ भैं मह जानता हॉ कक मह ऩयभेश्िय के कृऩारु ह्रदम भें सरप्त हुआ है। औय मह कक ऩयभेश्िय को खदु फसरदान का प्रमोजन कयना ऩड़ा, ऩयन्तु उसे मह एक भनष्ुमकेरूऩभेंदेनाऩड़ाताॉककिहसायी भनष्ुमजातीकेऩाऩोंकोऺभा कयदे।

"औय जो कोई उस ऩय विशिास कये"

"क्मोंकक ऩयभेश्िय ने जगत से ऐसा प्रेभ यखा कक उस ने अऩना एकरौता ऩत्रु दे ददमा, ताकक जो कोई उस

ऩय विश्िास कये, िह नाश न हो, ऩयन्तु अनन्त जीिन ऩाए।" (महन्ना ३:१६)

१. जो कोई विशिास कये

मह शब्द "जो कोई" फहुत ही अननिामत है जाॊ नहीॊ? मह कहता है कक मीशु ककसी को बी फचा सकते हैं। जफ मीशु ने क्रस से अॊनतभ शब्द ऩकु ाये, "काभ ऩया हुआ" औय कपय उन्होंने भत्ृ मु भें अऩने ससय झकु ा सरमा, उन्होंने जो कहा उसका अथत था क्जसे िह सभझते थे। उन्होंने उस काभ को ऩया कय ददमा क्जसके सरए वऩता ऩयभेश्िय ने उन्हें ऩथ्ृ िी ऩय बेजा था,औय िह था रोगों के ऩाऩों के सरमा फसरदान देना।

उन्होंने ने अऩना काभ अच्छी तयह से ऩया ककमा। उन्होंने ने इसे ऩया ककमा

औयअफजफहभऺभा केसरएदोहायरगाते हैं,चाहेहभनेकुछबीककमाहोऔयचाहेहभकुछबी कयें,ऩयभेश्िय मोग्म है कक िह हभे ऺभा कये,"जो कोई उस ऩय विश्िास कये" िह मह बी कह सकते थे "जो कोई भझु ऩय विशिास कयेगा" मह अननिामत है की हभ "उसे" जाने, मह व्मक्क्तगत सिनत ाभ है।

मह जो नीचे सरखे हुए हैं इनभे से कुछ बी भसीदहमत नही है।

* भसीदहमत धभत नही है - धभत की ऩरयबाषा है कक रोग ऩयभेश्िय को ढॊढते हैं।

* भसीदहमत कोई दशतन (कपरासपी) नही है , मह कु छ अच्छे विचायों का सॊगभ नहीॊ है।

* भसीदहमत सशऺाओॊ का सभह नही है।

* भसीदहमत कोई चचत बफक््डगॊ नही है अथिा कोई सॊस्था अथिा सोचने का धासभकत भागत नही है।

* भसीदहमत कोई हाॉ मा नहीॊ की सची नहीॊ है।

*भसीदहमत कोई आक्त्भक सॊकोच नही है महाॊ ऩय हभ जादईु प्राथनत ाएॊ नही कयते हैं मा योते हुए हाथ

उठाते है औय हभ सोचते है, मही सफ कुछ है।भसीदहमत है कक हभ मीशु ऩय विशिास कयते हैं;मह व्मक्क्तगत ऩयभेश्िय के साथ सम्फन्ध है - मह रयश्ता मीशु ने जो क्रस ऩय आऩके औय भेये सरए ककमा उसकी िजह से सॊबि हो ऩामा। भसीदहमत िह रयश्ता है महाॊ ऩय हभ घय जाते हैं; हभ िावऩस फाग भें जाकय हभाये सक्ृ ष्टकतात औय हभाये ऩयभेश्िय के साथ कपय से चरते हैं

२. साधायण “विश्िसी” नही

"जो कोई उस ऩय विश्िास कये....."इस फात को देखखमे मीशु जहाॉ मह नहीॊ कहते हैं, "जो कोई विशिास कये" फाइबफर का विश्िास, फाइबफर की आस्था औय फाइबफर का बयोसा मह सफ दहदॊ ी के शब्द हैं जो एक ही सॊक्ऩना को प्रस्ततु कयते है। फाइबफर का विश्िास फौवद्धक अनभु नत नही है, मह मीशु ऩय विश्िास कयना नही है। फाइबफर का विश्िास आक्स्तकिाद बी नही है, जो विश्िास कयना है कक ऩयभेश्िय भौजद है। िास्ति भें अगय कोई कहता है कक िह भसीही है,िह मीशु ऩय विश्िास कयता है,िह विश्िास कयता है कक

 ऩयभेश्िय है, एक उत्तय है: तो क्मा! दष्ु ट आत्भाएॉ बी विश्िास कयती हैं औय काॊऩती है। जफ दष्ु ट आत्भाएॊ मीशु को आते हुए देखती है, िो जानती है कक िह कौन है औय िह ऩकु ाय कय कहती है, "हे ऩयभेश्िय के ऩवित्र जन, क्मा त हभे द्ु ख देने के सरए आमा है?" दष्ु ट आत्भाएॊ आक्स्तक होतीॊ हैं; िह जानती हैं कक ऩयभेश्िय है। िह जानती है कक मीशु कौन है, कपय बी िह अनॊत कार तक नयक की आग भें जरेंगी। फाइबफर का विश्िास फौवद्धक अनभु नत नही है, न ही मह आक्स्तकिाद है, न ही मह विश्िास कयना है कक ऩयभेश्िय हभायी चोटों औय ऩीडा को दय कय देगा। फाइबफर का विश्िास मह नहीॊ है कक ऩयभेश्िय हभाये जीिन को फदर देगा औय हभे उदेश्म औय आनॊद दे देगा,मह उसके दहस्से है,ऩयन्तु इनभे से कुछ बी ऩरयितनत नही है। ऩरयितनत का अनबु ि उन रोगों को सभरता है जो मीशु भसीह ऩय विश्िास कयते है।

३. विश्िास कयना

फाइबफर का मह दहस्सा मनानी बाषा भें सरखा गमा था,मीशु अऩनी यीती से हटकय कुछ फहुत ही फयु ी व्माकयण का इस्तभे ार कयते हैं कक िह अऩनी तकत को प्रस्ततु कय सकें । साये दजत ककमे गए मनानी सादहत्म भें ककसी ने इस ऩद का इस्तभे ार नही ककमा जो मीशु महाॊ कय यहें है। अगय हभ इसका िास्ति भें अनिु ाद कयें तो मह ऐसे होगा, "जो कोई उस भें विश्िास कये" मह बमॊकय मनानी बाषा है, भगय शानदाय धभत सशऺा है। फाइबफर का विश्िास मह कहता है कक हभ अफ अऩने ऊऩय विश्िास नहीॊ कयते है। फाइबफर के विश्िास का अथत है कक हभने अऩने बयोसे को अऩने से हटकय मीशु ऩय रगा ददमा है।

फाइबफर के विश्िास का अथत है की हभने अऩने ऊऩय नहीॊ फक््क मीशु के ऊऩय बयोसा कयने की िचनफद्धताकीहै। फाइबफरकेविश्िासकाअथतहैकक अऩनेआऩकोअऩनेप्रेभीसक्ृष्टकतातकीफाॉहोंभें सौंऩदेना,ऩयीतयहसेउसऩयबयोसाकयना:ऩाऩोंकीऺभाके सरए,भक्ुक्तके सरए,देखबारके सरए, सहामता के सरए औय सबी िस्तओु ॊ के सरए क्जनकी हभे भनष्ु म होने के नाते आिश्मकता हैं। फाइबफर के विश्िास का अथत है कक हभने अऩने आऩ को ऩयभेश्िय की करुणा बयी फाॉहों भें डार ददमा है औय हय फातकेसरएउसऩयविश्िासकयते है,औयमहमीशुऩयविश्िासकयनेसेकहीॊज्मादाहैमानही?

४. बजन सॊदहता २३

फाइबफर भें से एक सफ से वप्रम ऩद है क्जसे बजन सॊदहता की ऩस्ु तक भें ऩामा जाता है। बजन सॊदहता के २३ अध्माम भें हभे ऩता चरता है कक मीशु कौन है। अगय हभ सिनत ाभ को प्रनतफाधधत कयें तो हभे ऩता चरना शुरू हो जाता है कक मीशु ऩय विश्िास कयने का अथत क्मा है। बजनकाय सरखता है, " महोिा भेया चयिाहा है" आऩ उस रयश्ते के फाये भें सोचें जो कक भखु ,त बोरी, फदफदाय, काॉटनेिारी, रात भाय बेड औय चयिाहे भें ऩामा जाता है। " महोिा भेया चयिाहा है,भझु े कुछ घटी न होगी" महाॊ ऩय सिनत ाभ आता है," िह भझु े हयी हयी चयाइमों भें फैठाता है;िह भझु े सखु दाई जर के झयने के ऩास रे चरता है; िह भेये जी भें जी रे आता है। धभत के भागो भें िह अऩने नाभ के ननसभत् भेयी अगिु ाई कयता है।

चाहे भैं घोय अन्धकाय से बयी हुई तयाई भें होकय चरॊ,तौबी हानन से न डरूॊगा,"क्मोंकक भैं भजफत,आजाद व्मक्क्त हॉ औय भैं जीिन की हय चनु ौती का साभना कय सकता हॉ जो भेये ऊऩय आती है?नहीॊ ! "चाहे भैं घोय अन्धकाय से बयी हुई तयाई भें होकय चरॊ,तौबी हानन से न डरूॊगा,क्मोंकक त" ऩयभेश्िय " भेये साथ यहता है;तये े सोंटे औय तये ी राठी से भझु े शाक्न्त सभरती है॥ त भेये सताने िारों के साभने भेये सरमे भेज बफछाता है; त ने भेये ससय ऩय तरे भरा है, भेया कटोया उभण्ड यहा है। ननश्चम बराई औय करूणा जीिन बय भेये साथ साथ फनी यहेंगी;औय भैं महोिा के धाभ" उसकी उऩक्स्थनत भें " सदा िास करूॉगा" बजनसॊदहता २३:१-६

जफ हभ बजन २३ को इस तयह से ऩढ़ते हैं, तो हभ मह भहसस कयना शुरू कयते हैं की भसीदहमत, चरे ाऩन,औय मीशु के ऩीछे चरना क्मा है ,मह इस फात को सभझना है की हभ तो भखु त,ऩाऩी बेड हैं

 क्जन्हे एक चयिाहे की आिश्मकता है। हभाया चयिाहा न ससपत हभाये सरए ऺभा का प्रमोजन कयता है, िणत िह हभाये सरए हय िस्तु का प्रमोजन कयता है क्जसकी हभे आिश्मकता है। सखु दाई जर, हयी चयाइमें , औय हभाये शत्रओु ॊ से सयु ऺा। "क्मोंकक ऩयभेश्िय ने जगत से ऐसा प्रेभ यखा कक उस ने अऩना एकरौता ऩत्रु दे ददमा, ताकक जो कोई उस ऩय विश्िास कये, िह नाश न हो, ऩयन्तु अनन्त जीिन ऩाए।" जो कोई अऩना बयोसा मीशु ऩय रे आता है.... (महन्ना ३:१६)

५. भक्ु क्त ऐसी कोई िस्तु नही है क्जसे हभ कभा सकते है

भक्ु क्त ऐसी कोई िास्तु नहीॊ है क्जसे हभ कभा सकते है। एक फहुत ही भहत्िऩणत ऩरयणाभ है क्जस को भैं आऩकेसाभनेरानाचाहताहॉ,अगयहभमहन्ना३:१६केइसऩदकोसभझनाचाहतेहै। अगयहभ सभझते हैं कक भक्ु क्त कोई ऐसी िस्तु नहीॊ क्जसे हभ कभा सकते है, ियन मह कु छ है जो ऩयभेश्िय हभाये सरए कयते है, तो मह सभझना फहुत ही आसान हो जाता है कक भक्ु क्त धासभकत कामत कयने के द्िाया प्राप्त नही होती, भक्ु क्त विश्िास के द्िाया सभरती है। जफ आऩ औय भैं मीशु भसीह के सशष्म फने तो हभ अऩने हाथों को अच्छे काभों से बय कय नही रामे थे औय हभ ने मह नहीॊ कहा,

*"देखो तभु भेये कजदत ाय हो"

*"भनैं े अऩनी ऩत्नी को कुछ देय से नही ऩीटा"

*"भनैं े अऩने कुत्ते के कुछ देय रात नहीॊ भायी"

*"भनैं े कुछ देय से इनकभ टैक्स की चोयी नहीॊ की"

*"भैंकुछसभमके सरएचचतभेंबीगमाऔयभनैं े१डॉरयचचतभेंवऩछरेिषतबेंटके रूऩभेंबीददमा" हभ अऩने हाथों भें कु छ ऩकडकय ऩयभेश्िय के साभने नहीॊ आते कक जैसे इनसे हभ अऩनी भक्ु क्त जा ऩाऩों की ऺभा खयीद सकते है। जफ हभ सभझ जाते है कक भक्ुक्त क्मा है,तो हभ सभझते है कक मह साधायण विश्िास के द्िाया है। भक्ु क्त है जफ हभ बयोसा कय के मीशु की फाॊहों भें छराॊग रगा देते है औय िह हभे ऩकड़ रेता है औय हभे फचा रेता है। फाइबफर कहती है, " क्मोंकक ऩाऩ की भजदयी तो भत्ृ मु है, ऩयन्तु ऩयभेश्िय का ियदान हभाये प्रबु भसीह मीशु भें अनन्त जीिन है॥" हभ फचामे जाते है औय मीशु के सशष्मउसकाभोंकेद्िायानहीॊक्जन्हेहभकयतेहैकक हभजैसेऩयभेश्ियकेऩऺकोखयीदरेंगे,ियन विश्िास कयने के द्िाया कक जो ऩयभेश्िय ने भसीह भें ककमा है क्जसे हभ अऩने आऩ के सरए नहीॊ कय

स क त े थ े । ऩ ौ र सु इ क प स स म ों क ी क् र ी स् म ा क ो स र ख त े ह ु ए क ह त ा ह ै , " क् म ों क क व ि श् ि ा स क े द् ि ा य ा अ न ग्रु ह ह ी से तम्ु हाया उद्धाय हुआ है, औय मह तम्ु हायी ओय से नहीॊ, ियन ऩयभेश्िय का दान है। औय न कभों के कायण, ऐसा न हो कक कोई घभण्ड कये। (इकपससमों २:८-९)

एक गीत है क्जसके शब्द इस प्रकाय है, " क्मोंकक ऩाऩयदहत भक्ु क्तदाता भय गमा, भेया ऩाऩी प्राण आज़ाद हो गमा, क्मोंकक ऩयभेश्िय जो धभी है उसने उसकी (मीशु) औय देखा औय भझु े ऺभा कय ददमा" मह बजन सरखने िारा औय मीशु भसीह के सच्चे सशष्म मह सभझते हैं कक हभ इससरए ऺभा नहीॊ ककमे गए क्मोंककहभनेकुछऐसेकाभककमेथे,ियन ऩयभेश्ियनेमीशुभसीहकेद्िायाकुछऐसाकाभककमाहै। वऩता ऩयभेश्िय जो धभी औय न्मामी है, िह

सॊतष्ु ट हो गमा औय िह अऩनी करुणा के द्िाया हभाये ऩाऩों को नहीॊ देखता ियन मीशु की ऩणत ा को देखता है औय क्जस व्मिहाय के हभ मोग्म थे हभ से िैसा व्मिहाय नही कयता ऩयन्तु हभ से िैसा व्मिहाय कयता है क्जसके मीशु मोग्म है। भक्ुक्त ऐसा कुछ बी नही है जो हभ अऩने सरए कय सकते है,भक्ुक्त है जो ऩयभेश्िय ने हभाये सरए ककमा है,औय हभ विश्िास औय बयोसे के द्िाया उसका प्रनतउत्तय देते है की मह ऐसे ही है।

६. भक्ु क्त है मीशु ऩय विश्िास कयना

क्जस यीनत से आऩ औय भैं भसीही फने अथिा मीशु के सशष्म फने - चाहे आऩ कोई बी बाषा इस्तभे ार कयना चाहे - मह धासभकत काभो के द्िाया ऩयभेश्िय का ऩऺ कभाने से नहीॊ हुआ। आऩ औय भै मीशु भसीह के सशष्म इस फात का विश्िास कयने के द्िाया फने कक मीशु िह है जो उसने कहा कक िह है औय इसफातऩयविशिासकयनेकेद्िायाकेउसनेककमाजोउसनेकहाकक उसनेककमा,हभविश्िासकयते हैकक मीशुिहहैजोिहकहतेहैककिहहै। मीशुनेकहा"भागतऔयसच्चाईऔयजीिनभैंहीहॊ; बफना भेये द्िाया कोई वऩता के ऩास नहीॊ ऩहुॊच सकता। " हभ विश्िास कयते है कक केिर मीशु ही ऩाऩों

की ऺभा प्रदान कय सकते है , औय िह ही सक्ृ ष्टकतात के साथ सॊगनत औय रयश्ता फनाने भें प्रिेश कयिा सकते है,उसके बफना हभ अऩने ऩाऩों भें भय जाएॊगे औय उससे दय एक नयक नाभ की जगह ऩय अनॊत कार तक जीिन व्मतीत कयेंगे। हभ विश्िास कयते हैं कक उन्होंने जो कहा िह हैं। हभ विश्िास कयते है कक जो कुछ उन्होंने कहा कक उन्होंने ककमा तो उन्होंने ककमा औय कुछ उन्होंने कहा कक िह कयेंगे तो िह कयेंगे। मीशु ने कहा, " भैं इससरमे नहीॊ आमा कक भेयी सेिा टहर कयी जाए, ऩयन्तु इससरमे आमा कक भैं सेिा टहर करूॉ औय फहुतों की छुडौती के सरमे अऩने प्राण दे॥" हभ विश्िास कयते है कक मीशु ने हभायी छु ड़ौती, कीभत दे दी है कक िह हभाये ऩाऩों से हभायी स्ितॊत्रता सयु क्षऺत कय रे। हभ विश्िास कयते है कक जफ मीशु ने ऩकु ाय कय कहा, "काभ ऩया हुआ" तो उन्होंने ने क्रस ऩय काभ ऩया कय ददमा औय अफ हभाये ऩाऩ ऺभा हो सकते है औय हभ अफ हभाये सक्ृ ष्टकतात के ऩास ऩहुॉच सकते है। सशष्म िह है जो विश्िास कयते है कक जो मीशु ने कहा िह िास्ति भें िही हैं औय जो उन्होंने कहा कक िह कयेंगे तो उन्होंने िास्ति भें िही ककमा।

"नाश न हो वयन अनंर् जीवन ऩाएं"

"क्मोंकक ऩयभेश्िय ने जगत से ऐसा प्रेभ यखा कक उस ने अऩना एकरौता ऩत्रु दे ददमा, ताकक जो कोई उस

ऩय विश्िास कये, िह नाश न हो, ऩयन्तु अनन्त जीिन ऩाए।" (महन्ना ३:१६) अगय हभ अऩने सक्ृ ष्टकतात से अरग होकय अऩना जीिन जीते है, तो एक ही सॊबावित विक्ऩ हभाये ऩास शेष यह जाता है औय िह है नाश होना। नकत एक फहुत ही िास्तविक स्थान है, औय हभने इसका महाॊ ऩय स्िाद चख कय देखा है जा नहीॊ?नकत एक िास्तविक स्थान है औय भैं एक ही फात कहना चाहता हॉ,"आऩ िहाॊ जाना नहीॊ चाहेंगे। " मीशु इस सरए भय गए कक हभे नाश न होना ऩडे , ऩयन्तु हभाये ऩास अनॊत जीिन हो - अनॊत जीिन। हभ जानते है कक भत्ृ मु सत्म के जीिन भें प्रिेश कयने का भागत है क्जसभे हभ हभाये सक्ृ ष्टकतात के साथ सम्ऩणत सॊगनत भें चरे जामगें े। सफसे बफदॊ ास फात जो कक ससु भाचाय के फाये भें है कक आऩ औय भैं भत्ृमु से ऩहरे अनॊत जीिन के कु छ राबों का रफ्ु त उठा सकते है। क्मोंकक हभने नमा जन्भ जो ऩा सरमा है। हभाया नए बाई फहनों के साथ एक नमा ऩरयिाय है। हभाये सरए स्िगत भें एक नई भीयास है जो हभाया इन्तजाय कय यही है। हभ अबी ऩयदेशी हैं जो इस ऩथ्ृ िी ऩय हैं ऩयन्तु हभायी नागरयकता स्िगत की है।

हभ अऩने जीिन को आगे देखते हुए फसय कय यहें है, हभ घय जाना चाहते है औय कपय से ऩयभेश्िय के साथ फाा भें चरना चाहते है। मद्मवऩ महाॊ ऩय रगाताय ऩीडा यहेगी, महाॊ ऩय रगाताय द्ु ख यहेंगे, हभाये चायों औय भत्ृ मु यहेगी। ऩयन्तु अॊदाज़ा रगाइए? हभाये नमें विश्िास के सरए हभे स्ताि का साभना कयना ऩडगे ा। हभाये सभत्र नही सभझ ऩाएॊगे कक हभ क्मों फदर गए हैं। हभ िैसे फन जामगें े जैसे ऩौरसु ने कहा, "हभ उनके सरए भत्ृ मु की भीठी सगु न्ध हैं। " ऩयन्तु हभ ऩयभेश्िय के सरए सगु न्ध है। भेये औय आऩके सरए नमा जीिन औय सच्चा आनॊद होगा , ऐसा आनॊद क्जसके द्िाया हभ अऩने जीिन की ऩरयक्स्थनतओॊ के ऩाय देख ऩाएॊगे। मह सच्चा आनॊद है जो की इस सच्चाई ऩय आधारयत है कक हभाये प्राणों का खारीऩन हभाये सक्ृ ष्टकतात के द्िाया बय ददमा गमा है। " क्मोंकक ऩयभेश्िय ने जगत से ऐसा प्रेभ

 यखा कक उस ने अऩना एकरौता ऩत्रु दे ददमा, ताकक जो कोई उस ऩय विश्िास कये, िह नाश न हो, ऩयन्तु अनन्त जीिन ऩाए।" (महन्ना ३:१६)

कीभर् को आंक रे

मीशुनेमहबीकहाकीइससेऩहरेककआऩउसऩयविश्िासकयनेकाननणमत रें,आऩकोकीभतको आॊकना होगा क्मोंकक कु छ फातें ऩहरी सी नहीॊ यह जाएॉगी - िह यह नही सकतीॊ। भक्ु क्त ऩयी तयह से भफ्ुतहैऔयहभऩयीतयहसेइसकेमोग्मनहीहैं। ऐसाकुछबीनहीॊजोहभकयकेइसेकभासकतेहैं। ऩयन्तुजफहभमीशुभसीहकेसशष्मफननेकाननणमत रेतेहैं,इसकेसरएहभेहयफातकीकीभतदेनी ऩडगेी,क्मोंककसशष्मताप्रबुमीशुभसीहकीप्रबतुाकेतहतसशष्मताहै।ऩौरसुकहताहै,"तभुअऩनेनहीॊ हो" क्मों ? इसका उत्तय है कक क्मोंकक हभ दाभ देकय भोर सरमे गए है , इससरमे अऩनी देह के द्िाया

हभ ऩयभेश्िय की भदहभा कयें। ऩतयस कहता है, " क्मोंकक तभु जानते हो, कक तम्ु हाया ननकम्भा चार-चरन जो फाऩ दादों से चरा आता है उस से तम्ु हाया छु टकाया चान्दी सोने अथातत नाशभान िस्तओु ॊ के द्िाया नहीॊ हुआ।" मीशु का रह िह कीभत थी जो ऩयभेश्िय ने आऩको औय भझु े नकत के गड्ढे से छुड़ाने के सरए कीभतदी। अफहभजोमीशुकेसशष्महैउसकेहै,भदहभाकयें। ऩतयसकहताहै,"क्मोंककतभु जानते

ह ो , क क त म्ु ह ा य ा न न क म् भ ा च ा र - च र न ज ो फ ा ऩ द ा द ों स े च र ा आ त ा ह ै उ स स े त म्ु ह ा य ा छ ु ट क ा य ा च ा न् द ी स ो न े अथातत नाशभान िस्तओु ॊ के द्िाया नहीॊ हुआ।" मीशु का रह िह कीभत थी जो ऩयभेश्िय ने आऩको औय भझु ेनकत के गड्ढेसेछुड़ानेके सरएकीभतदी। अफहभजोमीशुके सशष्महैउसके है,औयमहएक ऐसाजीिनहैक्जसभेऩाऩ काअत्माचायटटगमाहैऔयऩाऩकीजोहभायेऊऩयप्रबतुाथीिहटटगई है। न ससपत हभाये ऩास स्ितॊत्रता औय आनॊद के जीिन हैं, ियन अफ हभ उसकी भदहभा की प्रबतु ा भें यहते है।

चाहे हभ खाते है अथिा ऩीते है,जो कुछ बी हभ कयते है,हभ ऩयभेश्िय की भदहभा के सरए कयें। इस सरए हभने कीभत को धगण सरमा है औय हभ ने आनॊद के साथ मीशु के ऩीछे चरने का ननणमत ककमा है। जफ हभने मह ननणमत रे सरमा है, ऩयभेश्िय का ऩवित्र आत्भा हभाये जीिन भें आ गमा है औय उसने हभे नमा जीिन प्रदान कय ददमा है,हभे नए रोग फना ददमा है औय हभे नमा जन्भ ददमा है,हभ ने कपय से जन्भ रे सरमा है। ऩयभेश्िय का आत्भा हभाये बीतय यहता है औय िह हभायी अगिु ाई कयता है औय िह हभे फदरने की शक्क्त प्रदान कयता है।

ऩयभेश्वय का रक्ष्म

ऩयभेश्ियकाआऩके जीिनके सरएजोरक्ष्महैिहहैकीहभभेंफदरािआमे.उसकीइच्छामहहैकक हभ जैसे ऩहरी ददखते थे िैसे न ददखें औय हभ उसके ऩत्रु मीशु जैसे ददखने रगें। ऩौरसु हभे फताता है कक हभ अॊश अॊश कयके भदहभा से भदहभा भें फदरते जाते है, औय मह हभाये जीिन भें ऩवित्र आत्भा का कामत है , जो कक हभें फदरने की चाहत देते हैं औय हभे फदरने की मोग्मता देते है। फाइबफर इन परों को आत्भा के पर फताती है। जैसे ऩयभेश्िय के आत्भा का कामत हभाये बीतय चर यहा है, हभाये जीिन एक ऐसा प्रेभ ददखाना शुरू कय देता है जो ऩहरे कबी नही होता है। हभाया जीिन गहयी शाॊनत को सभझना शुरू कय देती है जो ऩहरे कबी भहसस नहीॊ की थी।

हभाये ऩास

प्रेभ, आनन्द, भेर, धीयज, औय कृ ऩा, बराई, विश्िास, नम्रता, औय सॊमभ हैं, औय क्मोंकक ऩाऩ का

अत्माचाय टट चका है औय हभ ऩयभेश्िय की सेिा कयने के सरए स्ितन्त्र है; िह कामत कय यहा है, हभें नई

चाहते देता है औय उन्हें ऩया कयने की मोग्मता बी देता है।हभने क्मा ककमा है कक हभने सशष्मता के नमे

जीिन भें ऩहरे कदभ उठामे हैं। ऩयभेश्िय ने जगत को फनामा, उसने जगत को प्रेभ ककमा, उसने अऩना

 ऩत्रु जगत के सरमे दे ददमा, औय उसका ऩत्रु जगत के सरए भय गमा, ताकक क्जस ककसी ने अऩना बयोसा

मीशु ऩय यखा िह सक्ृ ष्टकतात के साथ आनॊदभम रयश्ते का आनॊद उठा ऩामेगा। भेये बाई औय फहन

ऩयभेश्िय के ऩरयिाय भें आऩका स्िागत है।