पवित्र आत्मा

मसीही एकेश्वरवादी (एक ही परमेश्वर को मानने वाले) होते है; हम एक परमेश्वर पर विश्वास करते है. परन्तु हम त्रिएकता पर भी विश्वास करते है; हम त्रिएकता के तीन व्यक्तिओं पर विश्वास करते है – पिता परमेश्वर, पुत्र परमेश्वर और पवित्र आत्मा परमेश्वर. त्रिएकता का तीसरा व्यक्ति कौन है? वह वास्तव में करता क्या है? उसकी मेरे जीवन में प्रतिदिन क्या भूमिका है? पवित्र आत्मा से भरे होना और उसकी अगुवाई में चलने का क्या अर्थ है? क्या मुझे कुछ करने की आवश्यकता है, या वही सभ कार्य करता है? हम कहाँ होते यदि यह पवित्र आत्मा का कार्य न होता?

Holy Spirit

Christians are monotheists; we believe in one God. But we are also Trinitarians; we believe in three “persons” of the Trinity -- God the Father, God the Son, and God the Holy Spirit. Who is this third member of the Trinity? What actually does he do? What is his on-going role in my life? What does it mean to be led and empowered by the Holy Spirit? Do I have to do anything, or does he do all the work? Where would we be if it were not for the work of the Holy Spirit?


This lesson is an overview of the doctrine and process of salvation, beginning with election and then discussing calling, regeneration, conversion, justification, adoption, sanctification, perseverance, and, finally, the glorification of the believer.

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