36. स्वर्ग राज्य सम्बन्धित अध्ययन

शिष्य लोग दो प्रमुख घटनाओं की अपेक्षा में थे: मन्दिर का विनाश और यीशु का दोबारा आगमन, इसके चिन्ह और चेतावनियाँ होगी ताकि वे यरूशलेम से भाग सकें और यह घटना 70 ई०पू० में घटी परन्तु यीशु दोबारा कब आएँगे इसके लिये कोई चिन्ह और चेतावनी नहीं दी गई है और इस युग का अन्त कब होगा। चेलों की यह जिम्मेदारी नहीं है कि वे जाने कि यह कब होगा - यहाँ तक कि यीशु भी नहीं जानते हैं परन्तु तैयार होकर जीवन बिताए हमेशा तैयार रहें।

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