43. विश्वास के द्वारा धर्मी ठहरना

हमारे पापों के लिये हमें दोषी न ठहराया जाना धर्मी ठहरने का सिद्धान्त है। यह केवल परमेश्वर का ही कार्य है इसमें हमारा कोई योगदान नहीं है। रोमियों 1:16-17 और 3:21-26 में पौलुस इसे स्पष्ट करते हैं कि धर्मी ठहराए जाने की यह घोषणा हमारे ‘‘कार्यों’’ पर आधारित नहीं हैं परन्तु यह हमारे उस ‘‘विश्वास’’ पर आधारित है जो हम यीशु पर करते हैं कि जो कुछ यीशु ने क्रूस पर हमारे लिये किया जो हम स्वयं के लिये नहीं कर सकते थे।

Speaker