20. यशायाह और परमेश्वर की पवित्रता

यशायाह 6:1-8 में यशायाह के दर्शन को बताया गया जो उसने परमेश्वर के सिंहासन को देखा, और वहाँपर हमने आराधना के सच्चे अर्थ के बारे में सीखा, प्रकाशन और प्रतिक्रिया का चक्र। जब परमेश्वर स्वयं को हमारे ऊपर प्रगट करता है तो हमें उचित रूप से जवाब देना चाहिये। इसमें यह सवाल उठता है कि आपका परमेश्वर कितना बड़ा है। 

Speaker