21. यशायाह और परमेश्वर का दुःखी दास

यशायाह 52-53 अध्याय में हमें मसीह की मृत्यु का एक सबसे सटीक धर्म वैज्ञानिक दृष्टिकोण मिलता है। यशायाह एक ऐसे दास के बारे में भविष्यवाणी करता है जो आने वाला है, जिसको परमेश्वर हमारे पापों के बदले दण्डित करेंगे। जाहिर है कि यह भविष्यवाणी यीशु के विषय में है। यहाँपर हम सीखते हैं कि ऐसा कोई पाप नहीं है जिसे परमेश्वर क्षमा नहीं कर सकता, और शान्ति हमारे अन्दर से नहीं आती परन्तु बाहर यानी परमेश्वर से आती है।

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