39. मृत्यु और पुनुरूत्थान

यीशु की मृत्यु और पुनरूत्थान केवल यीशु के जीवन का ही नहीं परन्तु इतिहास के उस बिन्दु की भी पराकाष्ठा है। यीशु क्रूस पर मरे ताकि हम परमेश्वर के मित्र बन जाएँ और कब्र से जी उठने के द्वारा यीशु ने मृत्यु पर विजय हासिल की। मन्दिर का वह परदा जो परमेश्वर और मनुष्य के बीच दूरी का एक चिन्ह था वह ऊपर से नीचे तक दो भागों में बट गया और अब हम सीधे परमेश्वर से सम्बन्ध रख सकते हैं।

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