45. मसीही आनन्द | Free Online Bible Classes

Lecture 44: 45. मसीही आनन्द

रोमियों 5-8 में पौलुस हमें बहुत से कारण याद दिलाते हैं जिसके कारण हम प्रसन्न रहते हैं। परमेश्वर से हमारा मेल मिलाप हो गया है, हम पूरी तरह से उससे मेल मिलाप कर चुके हैं, हम पाप से छुटकारा पा चुके हैं और जो मसीह यीशु में हैं अब उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं। पवित्र आत्मा हमारे अन्दर रहता है, हमेे परमेश्वर के परिवार में अपना लिया गया है, हमे इस बात का आश्वासन मिला है कि हम उसकी सन्तान हैं, धर्मी जीवन का यही आनन्द है।

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