19. एलिय्याह और समन्वयवाद

1राजा 14-18 अध्यायों में एलिय्याह और झूठे धर्म एवं उसके संघर्ष की कहानी है। वह समय ”समन्वयवाद“ (यानी दो धर्मों का मिश्रण) का था। आज हमारे दिलों में भी हमारे सामने यही चुनौती है, विशेष करके मसीहियत और धर्म निरपेक्ष संस्कृतियों का मिश्रण। एलिय्याह हमें चुनौती देता है कि हम दो मन के न हों और हमारी वफादारी भी विभाजित न हो।

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